एएसी ब्‍लॉक्‍स बनाम रेड ब्रिक्‍स: सही फैसला कैसे करें

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रेड ब्रिक्‍स (अर्थात लाल रंग की ईंटें) सामान्‍य रूप में इस्‍तेमाल की जाने वाली निमार्ण सामग्री है। लाल ईटें सबसे पुराने ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल की जाने वाली निर्माण सामग्री है। इस प्रकार की निर्माण सामग्रियां अधिक लोकप्रिय और प्रमुख निर्माण-सामग्री हैं क्‍योंकि यह सस्‍ती, टिकाऊ तथा स्‍थापित करने में आसान होती है।

निर्माण के क्षेत्र में, एएसी ब्‍लॉक्‍स 20वीं शताब्‍दी की एक बड़ी उपलब्धि है। यह एक युगप्रर्वतक सामग्री है, जो अपने आप में विशिष्‍ट है क्‍योंकि इसका टिकाऊपन और मजबूती काफी अच्‍छी है। इसका वज़न हल्‍का होता है तथा यह उच्‍च हरियाली वाले पर्यावरणों के लिए अनुकूल है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स और रेड ब्रिक्‍स दोनों ही दीवारों के निर्माण के लिए महत्‍वपूर्ण निर्माण सामग्रियां हैं। रेड ब्रिक्‍स और एएसी ब्‍लॉक्‍स का दीवारों में इस्‍तेमाल उनकी प्रकृति, उपलब्‍धता और कीमत के अनुसार किया जाता है। अत:, सही फैसला करने में आपकी सहायता के लिए, हमने यहां एएसी ब्‍लॉक्‍स और रेड ब्रिक्‍स की एक संक्षिप्‍त तुलना की है, जो निम्‍न प्रकार है।

एएसी ब्लॉक्स बनाम रेड ब्रिक्स
Courtesy - 123rf

रेड ब्रिक्‍स

एएसी ब्‍लॉक्‍स

01. सामान्‍य

रेड ब्रिक्‍स

  • रेड ब्रिक एक ब्‍लॉक अथवा सेरामिक सामग्री की एक एकल यूनिट है जिसका इस्‍तेमाल निमार्ण कार्य में किया जाता है। लाल ईंटों को आमतौर पर एक के ऊपर दूसरी ईंट रखकर खड़ी दीवार के रूप में रखा जाता है अथवा ईंटों को एक साथ रखने के लिए विभिन्‍न प्रकार के मोर्टार का प्रयोग करते हुए एक स्‍थायी ढांचे के रूप में रखा जाता है।
  • आमतौर पर ईंटें अधिक मात्रा में समान या स्‍टैंडर्ड साइज में बनाई जाती हैं।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक्‍स, निर्माण सामग्रियां हैं जिनका वज़न हल्‍का होता है। इन्‍हें राजमिस्‍त्री द्वारा छोटे टूकड़ों व ब्‍लॉक्‍स में काटा जाता है या एक बड़े पटरे और पैनल के रूप में तैयार किया जाता है।
  • अन्‍य ईंटों से निर्मित दीवारों की तुलना में, एएसी ब्‍लाक से निर्मित दीवारें तुलनात्‍मक दृष्टि से अधिक समतल होती हैं क्‍योंकि उनमें कहीं भी खुदरापन नहीं होता है।

02. कच्‍चा माल

रेड ब्रिक्‍स

  • इसे मिट्टी (एलुमिना), रेत, चूना, आयरन ऑक्‍साइड और मैगनीशियम के मिश्रण से निर्मित किया जाता है।
  • ईंटें बनाने के लिए प्राकृतिक मिट्टी का प्रयोग किया जाता है। अत:, यह स्‍थानीय मिट्टी की गुणवत्ता, अर्थात पृथ्‍वी के परत की ऊपरी मिट्टी के आधार पर विविध हो सकती है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • इसे फ्लाई ऐश, सीमेंट, चूना, जीवाश्‍म और वायुसंचारण सामग्री के मिश्रण से निर्मित किया जाता है।
  • एएसी ब्‍लॉक्‍स के उत्‍पादन में फ्लाई ऐश का प्रयोग पर्यावरण अनुकूल है और इसमें सीमेंट बहुत कम मात्रा में प्रयोग किया जाता है।
  • फ्लाई-ऐश के इस्‍तेमाल करने से पहले जो  समस्‍या थी उसका समाधान एएसी ब्‍लॉक में फ्लाई ऐश का उपयोग कर किया गया है। इससे पहले यह एक बहुत बड़ी समस्‍या थी।

03. उपयोग

रेड ब्रिक्‍स

01. एक स्‍ट्रक्‍चरल यूनिट के रूप में

लाल ईंटें मजबूत, ठोस, टिकाऊ होते हैं, इसलिए इनका उपयोग निम्‍नलिखित संरचनाओं में एक निर्माण सामग्री के रूप में किया जाता है:

  • भवन
  • पुल
  • बुनियाद रखने (फाउन्‍डेशन)
  • आर्चिस और कॉर्निस
  • पटरी (पेवमेंट्स)

02. एक सौंदर्यपरक और फिनिश सरफेस के रूप में

विभिन्‍न प्रकार की सतहों (सरफेस) के रूपों के लिए ईंटों का उपयोग उनके भिन्‍न रंगों, आकारों और विशिष्‍टताओं के अनुसार किया जाता है। एक सौंदर्यपरक सामग्री के रूप में ईंटों का उपयोग निम्‍नलिखित प्रकार से किया जा सकता है:

  • फेसिंग ब्रिक्‍स (खड़जे) के रूप में
  • वास्‍तुकला कारीगरी (आर्किटेक्‍चर) के रूप में
  • एक्‍सपोज्‍ड प्रैक्टिस वर्क के रूप में

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक का प्रयोग आंतरिक और बाहरी दीवारों का निर्माण करने के लिए किया जाता है।
  • इसका प्रयोग भारी वज़न या कम वज़न झेलने वाली दीवारों के निर्माण के लिए भी किया जा सकता है।

04. लाभ

रेड ब्रिक्‍स

  • कच्‍चा माल आसानी से और सस्‍ते में उपलब्‍ध होता है। अत: यह किफ़ायती है।
  • लाल ईंटों की रखरखाव लागत कम होती है, यह स्‍थायी, ठोस और टिकाऊ निर्माण सामग्री है।
  • सामान्‍य निर्माण के लिए, इसकी दबाव शक्ति काफी अच्‍छी है।
  • लाल ईंटों की भिन्‍न आकृति और आकार से एक अलग सतही ढांचा (सरफेस टेक्‍सचर) सृजित किया जा सकता है।
  • लाल ईंटों से निर्मित ढांचे को गिराना बहुत आसान है और इसमें कम समय लगता है।
  • रेड ब्रिक्‍स लाल ईंटों का पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण किया जा सकता है।
  • लाल ईंटें आग से काफी अधिक रोधी होती हैं।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक्‍स का उपयोग करना आसान है। इसकी कटिंग के लिए सामान्‍य उपकरणों का प्रयोग किया जाता है।
  • एएसी ब्‍लॉक्‍स बड़े आकार में उपलब्‍ध होते हैं और इसलिए उनमें कम जोड़ होते हैं जिसके कारण अंतत: निर्माण स्‍थल पर निर्माण कार्य तेजी से होता है तथा सीमेंट का कम मात्रा में इस्‍तेमाल किया जाता है।
  • भूकंप के झटके भवन के वजन के आधार पर आनुपातिक रूप से महसूस किए जाते हैं। कुल मिलाकर, एएसी ब्‍लॉक से निर्मित भवनों का वजन कम होता है। अत: आरसीसी के साथ ढांचा खड़ा करने के मामले में, स्‍टील का उपयोग कम किया जाना चाहिए।
  • एएसी ब्‍लॉक्‍स अजैविक सामग्री से बनाए जाते हैं जो दीमक, क्षति या नुकसान को रोकने में मदद करती है।
  • एएसी ब्‍लॉक से निर्मित भवन का कुल वज़न कम होने के कारण स्‍टील और कंक्रीट की बचत होती है।
  • कॉलम के आकार और दीवार की मोटाई के कारण फर्श क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होती है।
  • एएसी ब्‍लॉक को ऊपरी फर्शों पर ढ़ोना आसान है।
  • निर्माण कार्य में समय की बचत होती है।
  • एएसी ब्‍लॉक्‍स में तापीय संचालकता (थर्मल कन्‍डक्‍टिविटी) बहुत कम होती है जिससे भवन का अंदरूनी भाग गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्म रहता है।
  • एएसी ब्‍लॉक्‍स आंतरिक तापमान में विचलन को कम करते हैं जिससे भवन में रहने वाले लोगों के लिए अनुकूल तथा स्‍वाथ्‍यवर्धक तापमान कायम रहता है।
  • अपनी तापीय विशेषता के कारण, एएसी ब्‍लॉक्‍स एअर कंडिशनिंग की ऊर्जा लागत को काफी हद तक कम करते हैं।
  • मनचाही सुरक्षा प्राप्‍त करने हेतु, अग्निशमन विनिर्देशनों के अनुसार निर्माण के लिए एएसी ब्‍लॉक्‍स उपयुक्‍त हैं।
  • एक एएसी ब्‍लॉक का आकार (600 x 200 x 100 मि. मी.) 6 ईंटों के बराबर होता है। अत: यह 50% ज्‍वाइंटों को कम कर देता है जिसके कारण 48% तक मोर्टार में बचत होती है। 150 मि. मी. या उससे अधिक की मोटाई के ब्‍लॉक से बचत और भी अधिक होती है क्‍योंकि इसमें पारंपरिक ईंट की तुलना में लंबवत ढांचे में ज्‍वाइंट कम होते हैं।
  • एएसी ब्‍लॉक्‍स में बर्बादी कम से कम होती है।
  • यह पर्यावरण-अनुकूल है और जल की भी बचत होती है। अत: इसे एक ग्रीन प्रॉडक्‍ट के रूप में आम तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है।
  • एएसी ब्‍लॉक्‍स की उत्‍पादन लागत महंगी है लेकिन समग्र प्रोजेक्‍ट में इसकी लागत कम होती है।

05. अलाभ

रेड ब्रिक्‍स

  • लाल ईंटों के साथ निर्माण-कार्य में अधिक समय लगता है।
  • उच्‍च भूकंपीय क्षेत्रों में, भारी वज़न के भवनों में लाल ईंटों का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
  • लाल ईंटें आसानी से पानी सोख लेती हैं और पानी में नमक होने के कारण वे फूल जाती हैं।
  • ईंटों की खुदरी सतह अगर ठीक तरह से साफ़ न की गई हो, तो उसमें फफूंद लग सकती है।
  • निर्माण में लाल ईंटों का लगातार प्रयोग करने से उपजाऊ मिट्टी की ऊपरी परत को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है तथा इससे कृषि भूमि भी प्रभावित हो सकती है।
  • लाल ईंट का वज़न भारी होता है ताकि ढांचा अधिक वज़न को सह सके, और इसलिए निर्माण की लागत बढ़ जाती है।
  • ईंटें बनाने के लिए चिकनी मिट्टी का उत्‍खनन किए जाने से पर्यावरण को बहुत क्षति पहुंचती है तथा उपजाऊ भूमि को भारी नुकसान पहुंचता है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक की उत्‍पादन लागत प्रति यूनिट अधिक है।
  • ब्‍लॉक की सतह सपाट होने के कारण, कभी-कभी वह प्‍लास्‍टर ठीक से नहीं चिपक पाता है। इसलिए, उत्‍पादन के दौरान इस बात को ध्‍यान में रखा जाना चाहिए कि ब्‍लॉक की सतह अधिक चिकनी न हो।

06. निर्माण स्‍थल पर पहचान कैसे करें

रेड ब्रिक्‍स

  • इसका रंग लाल है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक का रंग भूरा (ग्रे) है।

07. विशेषताएं

(क) मार्किट में उपलब्‍ध आकार (साइज़)

रेड ब्रिक्‍स

स्‍टैंडर्ड मॉड्यूलर साइज:

  • 190 x 90 x 90 मि. मी.
  • 190 x 90 x 40 मि. मी.

स्‍टैंडर्ड नॉन मॉड्यूलर साइज:

  • 230 x 110 x 70 मि. मी.
  • 230 x 110 x 30 मि. मी.

भारत में उपरोक्‍त साइज काफी प्रचलित हैं।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • 400-600 x 100-200 x 100-300 मि. मी.लेकिन, साइज मैन्‍युफैक्‍चर्र टू मैन्‍युफैक्‍चर्र अलग-अलग हो सकते हैं।

(ख) आकार में विविधता

रेड ब्रिक्‍स

  • 5 मि. मी. (+/-)लाल ईंटें बराबर के आकार में नहीं होती हैं, इसलिए  क्षेत्र-दर-क्षेत्र उनका आकार अलग-अलग हो सकता है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • 1.5 मि. मी. (+/-)एएसी ब्‍लॉक्‍स का आकार बराबर होता है क्‍योंकि इसे वायर कट टेक्‍नोलॉजी से प्रोड्यूस किया जाता है और यह एक फैक्‍टरी प्रोडक्‍ट है।

(ग) शुष्‍क घनत्‍व

रेड ब्रिक्‍स

  • 1600-1720 Kg/m3
  • 1721-1820 Kg/m3
  • 1821-1920 Kg/m3

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • 451-550 Kg/m3
  • 551-650 Kg/m3
  • 651-750 Kg/m3
  • 751-850 Kg/m3
  • 851-1000 Kg/m3

(घ) वज़न

रेड ब्रिक्‍स

  • 2.5 – 3.5 कि. ग्रा.वज़न, ईंट के घनत्‍व और आकार पर निर्भर करेगा

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • 3 – 4 कि. ग्रा.वज़न, ईंट के घनत्‍व और आकार पर निर्भर करेगा

(च) दाबक मजबूती (कम्‍प्रेसिव स्‍ट्रेंथ)

रेड ब्रिक्‍स

  • 30-35 N/mm2

मजबूती व स्‍ट्रेंथ का अर्थ है बल या दबाव को झेलने की क्षमता।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • 30-35 Kg/cm2

(छ) जल अवशोषण

रेड ब्रिक्‍स

  • ईंट की जल अवशोषण क्षमता उसके वज़न से 20% से अधिक नहीं होनी चाहिए।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • इस ब्‍लॉक की जल अवशोषण क्षमता उसके वज़न से 10 % से अधिक नहीं होनी चाहिए।

(ज) अग्नि से प्रतिरोध

रेड ब्रिक्‍स

  • 100 मि. मी. की मोटी दीवार 2 घंटों तक आग को झेल सकती है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • 100 मि. मी. की मोटी दीवार 4 घंटों तक आग को झेल सकती है।

(झ) तापीय संचालकता (थर्मल कंडक्‍टविटी)

रेड ब्रिक्‍स

  • 0.6- 1.0 W/mk
  • किसी विशिष्‍ट सामग्री से ताप अंतरण की मात्रा को उसकी तापीय संचालकता (थर्मल कंडक्टिविटी) कहते हैं।
  • ईंट की तापीय संचालकता ज्‍यादा होती है, और इसलिए एएसी ब्‍लॉक की तुलना में लाल ईंटों का ताप अंतरण अधिक है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • 0.21 – 0.42 W/mk
  • ब्‍लॉक की थर्मल कंडक्‍टिविटी कम है, इसलिए  ब्‍लॉक से हीट कम अंतरित करती है।

(ट) नमी प्रतिरोध

रेड ब्रिक्‍स

  • लाल ईंटों का नमी प्रतिरोध औसत है।
  • नमी प्रतिरोध ईंट के जल अवशोषण और सीमेंट मोर्टार के अनुपात पर निर्भर करेगा।
  • 100/115 मि. मी. दीवार में पर्याप्‍त नमी प्रतिरोध नहीं होगा। इससे कम की दीवार में गीलापन व नमीपन आएगा।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक का नमी प्रतिरोध लाल ईंटों की तुलना में बेहतर है।
  • एएसी ब्‍लॉक के पास अनक्‍नेक्‍टेड माइक्रोपोर हैं जो एक लंबी दूरी तक नमी के कैपिलरी आवागमन को रोकते हैं।

(ठ) ध्‍वनि प्रतिरोध/शोर-शराबा फैलना

रेड ब्रिक्‍स

  • ध्‍वनि प्रतिरोध (साउंड इनसुलेशन) का मतलब है बिल्डिंग ऐलिमेंट्स के द्वारा ध्‍वनि के फैलाव को कम करना।
  • ध्‍वनि संचारण, दीवार की मोटाई पर भी निर्भर करता है।
  • अपनी ठोस संरचना के कारण ईंट से बनी दीवार की ध्‍वनि प्रतिरोध क्षमता अच्‍छी है।
  • 150 मि. मी. की दीवार से 45 db ध्‍वनि और 230 मि. मी. की दीवार से 50 db ध्‍वनि कम की जाती है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एअर वॉयड्स अर्थात हवादार छिद्रों की मौजूदगी के कारण एएसी ब्‍लॉक से ध्‍वनि संचारण अधिक होता है।
  • 200 मि. मी. मोटाई की दीवार से 40-45 db ध्‍वनि कम हो जाती है।

(ड) दीमक प्रतिरोध

रेड ब्रिक्‍स

  • लाल ईंटें दीमक प्रतिरोधी नहीं होती हैं क्‍योंकि वे चिकनी मिट्टी (क्‍ले), एक जैविक सामग्री, से बने होते हैं।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक्‍स कीट प्रतिरोधी, अजैविक और ठोस दीवार निर्माण सामग्री है।
  • एएसी ब्‍लॉक में दीमकों तथा नाशीकीटों का फैलाव नहीं होता है और इसलिए दीवार लंबे समय तक टिकी रहती है।

08. कार्यक्षमता

(क) श्रम की आवश्‍यकता

रेड ब्रिक्‍स

  • एएसी ब्‍लाक्‍स के साथ निर्माण कार्य की तुलना में, लाल ईंटों के साथ निर्माण कार्य में निर्माण की  गति धीमी होगी।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • क्‍ले ब्रिक वर्क की तुलना में, एएसी ब्‍लाक के साथ निर्माण की गति दोगुना हो जाएगी।

(ख) कार्पेट एरिया

रेड ब्रिक्‍स

  • ब्‍लॉक वर्क की तुलना में इसमें कार्पेट एरिया कम उपलब्‍ध होता है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • ब्‍लॉक की मोटाई कम हाने के कारण इसमें अधिक कार्पेट एरिया उपलब्‍ध होता है।

(ग) प्रयोज्‍यता

रेड ब्रिक्‍स

  • लाल ईंटों का प्रयोग भारी वजन और हल्‍के वजन दोनों तरह की दीवारों के निर्माण में होता है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • गगनचुंबी इमारतों के लिए एएसी ब्‍लॉक्‍स का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है क्‍योंकि यह इमारत के कुल वज़न को काफी कम करता है।

(घ) मोर्टार खपत

रेड ब्रिक्‍स

  • अस्‍थायी ढांचा और अधिक संख्‍या में ज्‍वाइंट के कारण इसमें ज्‍यादा मोर्टार की ज़रूरत पड़ती है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • सामान्‍य तथा समतल सतह और कम संख्‍या में ज्‍वाइंट के कारण इसमें कम मोर्टार की ज़रूरत पड़ती है।

(च ) निर्माण कार्य की गति

रेड ब्रिक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक के साथ निर्माण कार्य की तुलना में लाल ईंटों की दीवार के निर्माण की गति कम है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • बड़े ब्‍लॉक साइज़, हल्‍का वज़न और कम संख्‍या में ज्‍वाइंट के कारण इसमें दीवार के निर्माण की गति तेज है।

(छ) विनिर्माण के दौरान जल उपयोग

रेड ब्रिक्‍स

  • परिष्‍करण के लिए इसमें अधिक जल की ज़रूरत पड़ती है और इसलिए बिजली और श्रम लागत का खर्च ज्‍यादा होता है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • ब्‍लॉक को भाप से परिष्‍कृत किया जाता है और ब्‍लॉक मैसनरी भी की जाती है, इसलिए इसमें जल का कम उपयोग किया जाता है जिसके कारण बिजली खर्च में बचत  होती है।

(ज) टूट-फूट और उपयोग

रेड ब्रिक्‍स

  • निर्माण स्‍थल पर औसतन रूप से 10 से 12% टूट-फूट होती है, इसलिए ईंट का 100% उपयोग संभव नहीं है। यहां तक कि कुछ जगह पर, ईंटों की खराब गुणवत्ता के कारण, 33% तक बर्बादी होती है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • इसमें नहीं के बराबर टूट-फूट होती है। लगभग 100% उपयोग संभव होता है।

(झ) भंडारण

रेड ब्रिक्‍स

  • मानसून में, निर्माण स्‍थल पर भंडार कायम किया जाना एक अनिवार्यता है, हालांकि इससे निमार्ण स्‍थल पर एक बड़ा कार्यक्षेत्र बाधित हो जाता है, पर ईंटों का भंडार न रखे जाने से बारिश के मौसम में आपूर्ति न मिल पाने के कारण निर्माण कार्य बंद करना पड़ सकता है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • सूचना दिए जाने पर किसी भी मौसम में शीघ्र उपलब्‍ध होते हैं, इसलिए इसमें भंडारण की आवश्‍यकता नहीं पड़ती।

(ट) उत्‍फुल्‍लन

रेड ब्रिक्‍स

  • इसमें समान्‍य रूप से उत्‍फुल्‍लन व फुलाव होता है।
  • जल और रेत में नमक की मौजूदगी के कारण इसमें उत्‍फुल्‍लन होता है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • इसमें उत्‍फुल्‍लन मोर्टार और जल के माध्‍यम से होता है।

09. लागत

(क) 1 cum के निर्माण की लागत

रेड ब्रिक्‍स

  • भारत में 1 cum ब्रिकवर्क की लागत लगभग रू. 2500 है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • भारत में 1 cum ब्‍लॉकवर्क की लागत लगभग रू. 3500 है।

(ख) संरचना लागत

रेड ब्रिक्‍स

  • ऐसी कोई बचत संभव नहीं है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • स्‍टील की 15% और कंक्रीट की 7% तक बचत होती है।
  • अपने हल्‍के वज़न के कारण एएसी ब्‍लॉक्‍स का भवन की बुनियाद पर वज़न कम होता है जिससे स्‍टील की खपत की बचत होती है। अत: इससे संरचना लागत कम लगती है।

10. पर्यावरण प्रभाव

(क) मिट्टी की खपत

रेड ब्रिक्‍स

  • 1 लाल ईंट में 3.2 कि. ग्रा. उच्‍च उपजाऊ मिट्टी की खपत होती है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • इसमें मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता है। एएसी ब्‍लॉक का मूल कच्‍चा माल फ्लाई ऐश है, जिसे डिस्‍पोज करना एक समस्‍या है।

(ख) ग्रीन प्रोडक्‍ट

रेड ब्रिक्‍स

  • लाल ईंटें, ग्रीन प्रोडक्‍ट अर्थात हरे पर्यावरण के लिए अनुकूल नहीं हैं।
  • देश में, यह हरियाली, अर्थात पर्यावरण का विरोधी  हैं।
  • रेड ब्रिक्‍स क्‍ले से बनाए जाते हैं जो प्राकृतिक रूप से उपलब्‍ध होती है, लेकिन इससे  उपजाऊ मिट्टी की ऊपरी परत कम हो जाती है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • एएसी ब्‍लॉक्‍स नॉन-ट्रॉक्सिक सामग्री से बनाए जाते हैं जो पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते। इसका उपयोग किए जाने से औद्योगिक अवशेष घटता है, और यह ग्रीनहाउस गैस उत्‍सर्जन को भी घटाता है।
  • विनिर्माण प्रक्रिया के दौरान, एएसी ब्‍लॉक के अवशेष को पुन:चक्रित कर पुन:उपयोग किया जाता है। यह अवशेष कटिंग प्रक्रिया से उत्‍पन्‍न होता है।
  • अत:, एएसी ब्‍लॉक्‍स एक ग्रीन प्रोडक्‍ट हैं।

(ग) भूकंप प्रतिरोध

रेड ब्रिक्‍स

  • औसत भूकंप झटकों से लाल ईंटों की क्षमता सीमित है क्‍योंकि ईंट का घनत्‍व एएसी ब्‍लॉक से अधिक है।

एएसी ब्‍लॉक्‍स

  • भूकंप के झटके भवन के वज़न के अनुपात में महसूस किए जाते हैं। एएसी ब्‍लॉक्‍स बिल्डिंग के वज़न को कम करते हैं, इसलिए ये भूकंप के विरूद्ध सुरक्षा को बढ़ाते हैं।

विशेष टिप्‍पणी

एएसी ब्‍लॉक्‍स और रेड ब्रिक्‍स (लाल ईंटों) की तुलना को समझकर, आपको अपने घर की दीवारों के निर्माण के लिए उपयुक्‍त निर्माण सामग्री का चयन करने में मदद मिलेगी। लाल ईंटें प्राकृतिक मिट्टी से बनाई जाता हैं। क्‍या निर्माण कार्य के लिए प्राकृतिक मिट्टी का उपयोग लगातार होता रहेगा? एक दिन ऐसा भी आएगा जब प्राकृतिक संसाधन का अभाव हो जाएगा। यही कारण है कि दीवार के निर्माण के लिए एएसी ब्‍लॉक्‍स का प्रयोग किया जाता है। एएसी ब्‍लॉक्‍स का प्रयोग करना बहुत फायदेमंद है क्‍योंकि यह केवल पर्यावरण को ही संरक्षित नहीं करते, बल्कि ऊर्जा की भी बचत करते हैं, और जीवन को सुरक्षा प्रदान करते हैं।

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