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टाइल्स के उखडने के टूटने के या झुक जाने के १२ कारण

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टाइल का उखड़ जाना, टूट जाना या झुक जाना एक आम खराबी है जिसे प्राय: फर्श की टाइलों में देखा जाता है। ऐसा सभी प्रकार की टाइलों में हो सकता है, चाहे वे सेरामिक टाइल, विट्रिफाइड टाइल, आदि ही क्‍यों न हों। सही ढंग से लगाई गई कोई अच्‍छी गुणवत्ता की टाइल भी अलग-अलग मौसम में उखड़ सकती है, जिसके अनेक कारण हैं।

टाइलें टूटने या उखड़ने या झुक
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इस प्रकार की समस्‍याओं के निम्‍न कारण हैं:

  • टाइल एक पारगम्‍य (पर्मीएबल) सामग्री है अर्थात जिस पर पानी का रिसाव होता है। इसलिए, कुछ समय के बाद टाइल में अधिक नमी जमा हो जाने के कारण वह फूल सकती है। फूलने के कारण टाइल पर दबाव पड़ते ही वह टूट या उखड़ सकती है।
  • कच्‍चा फर्श समतल न होने से भी टाइल टूट सकती है, टाइल पर एड्हीसिव समान रूप में मौजूद नहीं होगी और कच्‍चे फर्श के साथ उसकी पकड़ कमजोर होगी। इससे टाइल में बकलिंग होगी अर्थात वह झुक जाएगी।
  • टाइलों को स्‍थापित करने से पहले फर्श की सही ढंग से सफाई न किया जाना भी एक कारण है। सही ढंग से सफाई न किए जाने से समान रूप में बान्डिंग लेयर नहीं बन पाते हैं, और टाइलों की फर्श से मजबूत पकड़ नहीं बन पाती है।
सही ढंग से सफाई न किए जाने से
Courtesy - Shutterstock
  • एड्हीसिव के साथ बड़े आकार की टाइलें लगाते हुए, उन पर लकड़ी के डंडे से हल्‍के दाब के साथ प्रहार करने की आवश्‍यकता होती है। यदि टाइल को सही ढंग से नहीं लगाया जाता है, तो कच्‍चे फर्श से टाइल उखड़ (पॉप अप) जाएगी।
  • जिन टाइलों को एड्हीसिव से नहीं चिपकाया गया है, उनसे भी फ्लोर बकलिंग हो सकती है, यानी टाइल टूट या झुक सकती है।
  • मुवमेंट ज्‍वांइट्स को सही ढंग से स्‍थापित नहीं किए जाने से भी बकलिंग हो सकती है।
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  • जब बॉन्डिंग के साथ टाइलें फर्श पर लगाई जाती हैं, तब उनमें अंतरनिहित पदार्थ पक्‍की बॉन्डिंग प्रदान नहीं करेगा। पर्यावरण में थोड़ा भी परिवर्तन होने पर, यानी अगर तापमान और नमी तत्‍व में परिवर्तन होता है, तब बॉन्‍ड अपनी पकड़ खो लेगा और टाइल पर दबाव पड़ते ही वह टूट जाएगी।
  • ऊपर को उठी या झुकी टाइल का मतलब है कि मुवमेंट ज्‍वाइंट का उपयोग पर्याप्‍त रूप से नहीं किया गया है। कंक्रीट के ऊपर टाइल लगाने के लिए, कंक्रीट के शोधन से टाइल पर दबाव पड़ता है।
  • यदि फर्श पर सूर्य की रोशनी सीधे पड़ती है और टाइल लगाने में खराब गुणवत्ता की एड्हीसिव का इस्‍तेमाल किया गया है, तब टाइल उखड़ने की संभावना अधिक होती है। सूर्य की सीधी रोशनी से ताप बढ़ेगा जिसके कारण टाइल का फैलाव बढ़ेगा। इसलिए, यदि एड्हीसिव मजबूत गुणवत्ता की नहीं है, तो टाइल उखड़ने-टूटने की पूरी संभावना रहती है।
  • उचित बॉन्डिंग सामग्री का उपयोग करें। यदि कोई शुष्‍क पाउडर बॉन्डिंग सामग्री का इस्‍तेमाल किया जा रहा है, तो यह ध्‍यान दिया जाना चाहिए कि सामग्री सही ढंग से मिश्रित हुई या नहीं।
  • पुरानी टाइलें फिर से लगाए जाने से भी बकलिंग हो सकती है। पुरानी टाइलें टूट सकती हैं। समय बीतने के साथ उनकी फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है और तापमान में परिवर्तन के कारण घटित व्‍यापक बदलावों को वह नहीं झेल सकती हैं।
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अनेक वर्षों के बाद भी टाइल टेन्टिंग क्‍यों होती है ?

टाइल काउंसिल ऑफ नॉर्थ अमेरीका (TCNA) के अनुसार, टाइल टेन्टिंग (अर्थात उकस झुक जाना) तीन कारणों से होती है:

  • कंक्रीट श्रृंकेज की दर से,
  • थिनसेट की छीलन मजबूती (शियर स्‍ट्रेंथ) से, और
  • टाइल की परत पर उपयोग किए गए किसी भी फुलाव वाले वाला पदार्थ (एक्‍सटेंसिव फोर्स), जैसे कि ताप से।

यदि टाइल पर बॉन्डिंग सही ढंग से नहीं लगाई गई है, टाइल जल्‍दी ही झुक सकती है। यदि बॉन्‍ड मजबूत है, तब टाइल से बॉन्‍ड हटने से पहले प्राय: पतला-मसाला (ग्राउट) हट जाएगा। इसलिए, टाइल की प्रकृत्ति भी महत्‍वपूर्ण है। अन्‍य प्रकार की टाइलों की तुलना में, चीनी मिट्टी (पोर्सलिन) युक्‍त टाइल की बॉन्डिंग में थिनसेट की बॉन्डिंग की पकड़ अधिक मजबूत है और वह लंबे वक्‍त तक कायम रहती है।

जब टाइल पर चलने में कोई आवाज नहीं आती है, तो इसका मतलब यह है कि टाइल में अच्‍छी क्‍वालिटी का बॉन्‍ड लगाया गया है। यदि थिनसेट को उचित तरीके से नहीं लगाया गया है, तो टाइल या कंक्रीट में थिनसेट का अवशेष मौजूद नहीं रहेगा।

यदि टाइल लगाए जाने के बाद वह काफी लंबे समय तक सही कायम रहती है, कोई टाइल टेंटिंग नहीं होती है अर्थात वह झुकती नहीं है, तो यह अच्‍छी बात है। इसका अर्थ यह है कि अगर थिनसेट को सही ढंग से नहीं लगाया गया होता, तो टाइल काफी पहले उखड़ गई होती। इसलिए, यह विचार करना महत्‍वपूर्ण है कि थिनसेट पारगमन में – कंक्रीट में लगाए गए बॉन्‍ड में या टाइल पर लगाए गए बॉन्‍ड में – प्राय: दरार (क्‍लीवेज प्‍लेन घटित होगा) आएगी।

संक्षेप में, प्रत्‍येक बार टाइल लगाने में आवागमन (मुवमेंट) को ध्‍यान में रखा जाना चाहिए। उचित रूप से स्‍थापित टाइलों पर फैलाव व सिकुड़न से कोई खास दबाव नहीं पड़ता है, और कोई भी समस्‍या पैदा नहीं हो सकती है।

अंतत:, सही ढंग से लगाई गई टाइलें आपके घर को न केवल बेहतरीन सुंदरता प्रदान करती हैं, बल्कि घर में रहने वाले लोगों को सुरक्षा भी प्रदान करती हैं।

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